
बलात्कार के दोषी को 20 वर्ष का कठोर कारावास, भारी अर्थदंड
लखनऊ। पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ के ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत लखनऊ पुलिस एवं अभियोजन विभाग के संयुक्त प्रयासों से बलात्कार के एक गंभीर मामले में दोषी अभियुक्त को माननीय न्यायालय द्वारा कड़ी सजा सुनाई गई है। यह फैसला 22 दिसंबर 2025 को माननीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश / पॉक्सो-1 न्यायालय, लखनऊ द्वारा सुनाया गया। प्रकरण थाना गाजीपुर क्षेत्र से संबंधित है, जहां वाद संख्या 2108/23 एवं मु0अ0सं0 0158/2023, धारा 376/384/506 भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत नामजद अभियुक्त राजन कुमार उर्फ राज पुत्र मनोज कुमार, निवासी ग्राम अमनौर, थाना अमनौर, जिला सारंग (छपरा), बिहार को न्यायालय ने दोषसिद्ध पाया। माननीय न्यायालय ने अभियुक्त को धारा 376 भादवि में 20 वर्ष का कठोर कारावास एवं 50,000 रूपए का अर्थदंड, धारा 384 भादवि में 03 वर्ष का कठोर कारावास एवं 5,000 रूपए का अर्थदंड, तथा धारा 506 भादवि में 02 वर्ष का कठोर कारावास एवं 2,000 रूपए का अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास भुगतने का भी आदेश दिया गया है। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। यह उल्लेखनीय सफलता पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के निर्देशों के क्रम में चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन के अंतर्गत, पुलिस आयुक्त लखनऊ एवं संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध एवं मुख्यालय के निर्देशन में, पुलिस उपायुक्त (पूर्वी) के कुशल पर्यवेक्षण तथा अपर पुलिस उपायुक्त (पूर्वी) एवं सहायक पुलिस आयुक्त गाजीपुर के मार्गदर्शन में प्राप्त हुई। मामले में थाना गाजीपुर के प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार मौर्या, वरिष्ठ उपनिरीक्षक सफातउल्ला खाँ एवं माननीय न्यायालय पैरोकार कांस्टेबल जितेन्द्र कुमार द्वारा प्रभावी, सतत एवं सशक्त पैरवी की गई, जिसके परिणामस्वरूप अभियुक्त को कठोरतम सजा दिलाई जा सकी। यह निर्णय अपराधियों के विरुद्ध लखनऊ पुलिस की सख्त कार्यनीति तथा पीड़ितों को न्याय दिलाने की प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।



