पारा पीपली लाइव की कहानी, पीली पर्ची से बांटी गई कॉलोनी

लखनऊ। पीपली लाइव की कहानी एक बार फिर पारा थाना क्षेत्र दोहराई गई। यह कहानी काशीराम कॉलोनी हंस खेड़ा चौकी के अंतर्गत देखने को मिली। जहां ताले की दुकान, चाउमीन की दुकान, पानी और बिस्कुट के पैकेट बिकने लगे।
मामला कुछ ऐसा हुआ कि बृहस्पतिवार के दिन दुबग्गा में झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोगों पर प्रशासन द्वारा बुलडोजर चला दिया गया। अपना आवास टूटने के बाद वहां पर रहने वाले गरीब तबके के लोगों ने पुराना पारा थाने के सामने प्रदर्शन किया। जैसे-तैसे पुलिस ने उन्हें समझा-बुझाकर शांत कराया। इसी का फायदा उठाते हुए छूटभइये नेताओं ने अपनी नेतागिरी चमकाने के लिए उन लोगों को काशीराम कॉलोनी में बनी आश्रम कॉलोनी का रास्ता दिखा दिया। जहां कल रात से ही वहां पर सैकड़ों की भीड़ लग गई। लोगों के बीच एक पीले रंग की पर्ची बाटी गई और भ्रामकता फैला दी गई कि इस पीली पर्ची के माध्यम से ही सभी को आवास आवंटित किए जाएंगे यह खबर लोगों के बीच आग की तरह फैल गई।
लोगों ने एक पर एक होकर पर्ची को लेना शुरू कर दिया। पर्ची मिलने के बाद सभी ने आश्रय कॉलोनी में बने मकानों के ताले तोड़ दिए और उसमें रहना शुरू कर दिया। प्रदर्शन बढ़ता देख स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंची और अपने अधिकारियों को अवगत कराया। भीड़ को देखकर वहां चार्ट चौमिन की दुकानें, बिस्कुट की दुकानें, पानी सहित ताले की दुकानें भी लग गई। जब इस संबंध में ताले के दुकानदार से पूछा गया कि आपने अभी तक कितने ताले बेचे हैं। तो उसने जवाब दिया कि 50 से 60 ताले बेंच चुका हूं अभी और ताले मंगवाया हूँ। सैकड़ों की संख्या में भीड़ देखकर मीडिया भी वहां पहुंच गई। मीडिया को देख वहां और भीड़ भी एकत्र हो गई। वहां पर मौजूद भीड़ ने बताया कि उन्हें यह बता कर यहां लाया गया कि पीली पर्ची के माध्यम से उन्हें आवास आवंटित किया जाएगा जिसकी वजह से उनके घर में कल से चूल्हे नहीं जले हैं बच्चे भूख के मारे बिलबिला रहे हैं और सुबह 5:00 बजे से ही छूट भैया नेताओं ने अपनी पीली पर्ची बांटना शुरू कर दिया था। भीड़ और ताले की जरूरत देखते हुए ताला दुकानदार भी अपनी दुकान वहां पहुंच गया। भूखे बच्चों की जरूरत देखते हुए चार्ट चौमिन दुकानदार भी अपनी चार्ट चौमिन की दुकान लेकर वहां पहुंच गया। इसी बीच एक महिला पानी की बोतले और पानी के पाउच लेकर उसने जमीन पर अपनी दुकान लगा ली। लेकिन 24 घंटे से आवास के लिए इधर उधर भाग रहे परिजनों को तो कोई लाभ नहीं हुआ लेकिन इसका पूरा फायदा दुकानदारों ने उठाया और छूटभैया नेताओं ने अपनी नेतागिरी चमकाने के लिए लोगों को खूब बरगलाया। अब देखना यह है कि प्रशासन इन लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई करता है या उन्हें आवास दिलाता है। फिलहाल पीपली लाइव की कहानी बरकरार है, लोगों की भीड़ वहां अभी भी मौजूद है।



