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अनफिट ई-रिक्शों ने किया यातायात व्यवस्था बीमार

लखनऊ। राजधानी में जाम का एक मुख्य कारण ई-रिक्शा ही है। लखनऊ के मुख्य मार्गों पर अवैध तरीके से अनफिट ई-रिक्शा फरार्ट भरते देखे जा सकते है। इन ई-रिक्शों में सबसे ज्यादा अनफिट रिक्शों का कई मार्गों पर भरमार है। हर चैथा ई-रिक्शा अनफिट है। राजधानी में लगातार ई-रिक्शों की बढ़ती संख्या ने यातायात व्यवस्था को बिगाड़ कर रख दिया है।
दुबग्गा, पारा तिकुनिया, आईआईएम, चिनहट तिराहा, निगोहा, सरोजनीनगर, शहीद पथ सहित बाराबिरवा चैराहे पर रोजाना घंटों जाम लगता है। जाम की समस्या से नाराज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ-कानपुर राज्यमार्ग जाम होने पर लखनऊ के पुलिस कमिश्नर एवं कानुपर पुलिस कमिश्नर को हटाया था। उसके बाद शहर में कुछ सख्ती एवं ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार दिखाई दी थी, लेकिन मौजूदा समय में समस्या जस की तस बनी हुई है। उदाहरण के तौर पर कैसरबाग, लाटूश रोड, चैक, अमीनाबाद, राजाजीपुरम में ट्रैफिक व्यवस्था ध्वस्थ दिखायी दे रही है। नित प्रतिदिन इन मुख्य मार्गों पर घंटों जाम लगा रहता है। क्षेत्रिए पुलिस इस यातायात व्यवस्था से निपटने के लिए हटो बचो की नौकरी करती है।
अनफिट ई-रिक्शों पर कार्रवाई करने में नाकाम आरटीओ (प्रवर्तन)
लखनऊ एवं उसके आसपास के क्षेत्रों में चलने वाले हर चैथा ई-रिक्शा अनफिट है। अधिकतर ई-रिक्शों के नम्बर प्लेट एवं इनडिकेटर गायब देखा जा सकता है। साथ ही ई-रिक्शों पर आवश्यकता से अधिक सवारियां बैठायी जाती है। मानकों की माने तो ई-रिक्शों पर चार से ज्यादा सवारी नहीं बैठायी जानी चाहिए जबकि ई-रिक्शों पर छह से आठ सवारियां बैठायी जाती है। जिसका प्रमाण कही भी किसी भी रोड पर देखा जा सकता है। वहीं दूसरी ओर ई-रिक्शा चालक तो अपने वाहनों पर ओवर लोडिंग कर सामान ढोते नजर आते है। जबकि यह देखा गया है कि ई-रिक्शा बहुत जल्द पलट भी जाता है।
अनफिट रिक्शों को चला रहे अनफिट चालक
लखनऊ में अनफिट ई-रिक्शों के चालक भी अनफिट है। अधिकत्तर ई-रिक्शों के चालक नाबालिग एवं बुजुर्ग देखे जा सकते है। जबकि बालिग चालकों के पास को ई-रिक्शा चलाने का लाइसेंस तक नहीं है। कई चालक तो ऐसे है जो अक्सर मोबाइल पर बात करते हुए ई-रिक्शा चलाते है। जो एक्सीडेंट का सबसे बड़ा कारण होता है। ई-रिक्शा चालकों की लापरवाही के कारण सैकड़ों लोग अपनी जान गवा चुके है।
परिवहन विभाग (प्रवर्तन) मस्त पुलिस तरस्त
परिवहन विभाग (प्रवर्तन) की लापरवाही का खामियाजा पुलिस विभाग को भुगतना पड़ रहा है। सूत्रों की माने तो परिवहन विभाग ने एक वर्ष पहले ही ई-रिक्शों का रजिस्टेशन बंद कर दिया था उसके बाजवूद भी बैक डोर से लगातार ई-रिक्शों का रजिस्टेशन हो रहा है।

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