बड़ी खबरलखनऊ

जाम की समस्या के निपटने के लिए अधिकारियों के पास कोई नहीं है ठोस प्लान

लखनऊ। राजधानी में जाम की समस्या के निपटने का किसी भी अधिकारी के पास कोई ठोस प्लान नहीं है। दुबग्गा, पारा तिकुनिया, आईआईएम, चिनहट तिराहा, निगोहा, सरोजनीनगर, शहीद पथ सहित बाराबिरवा चैराहे पर रोजाना घंटों जाम लगता है। लखनऊ में ट्रैफिक व्यवस्था सम्भालने के लिए एसएसपी पद का अधिकारी बैठाया गया है। जिसे हम-आप डीसीपी के नाम से जानते है। पूर्व में लखनऊ कानपुर राज्यमार्ग जाम होने पर लखनऊ के पुलिस कमिश्नर एवं कानुपर के पुलिस कमिश्नर को हटाया गया था। उसके बाद शहर में कुछ सख्ती एवं सुधार ट्रैफिक व्यवस्था में दिखी थी लेकिन मौजूदा समस्या में समस्या जस की तस हो गयी है। ट्रैफिक विभाग की कमान डीसीपी हृदेश कुमार के हाथों में है, लेकिन कैसरबाग, लाटूश रोड एवं चैक में ट्रैफिक व्यवस्था धवस्थ है। रोजाना हैदरगंज चैराहे पर घंटों जाम लगा रहा था। वहीं अधिक जाम वाले क्षेत्रों में जहां एसआई एवं इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी तैनात किये जाने चाहिए वहां एचसीपी, दीवान एवं सिपाहियों से काम चलाया जाता है।
रूट चार्ट का नहीं हो रहा सही से पालन
ट्रैफिक जानकारों की माने तो सवारी गाड़ी के लिए रूट चार्ट बनाया गया है लेकिन ई-रिक्शा चालाकों एवं टैक्सी चालाकों की मानमानी एवं सुविधा शुल्क के कारण रूट का सही से पालन नहीं हो पा रहा है। जिसके कारण प्रतिबंधित क्षेत्रों में भी ई-रिक्शा/टैम्पो चालक मानमाने ढंग अपने वाहनों को चला रहे है।
ट्रैफिक में तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों की संख्या
मौजूदा समय में ट्रैफिक विभाग में दो सीओ, एक एडीसीपी एवं एक डीसीपी तैनात है। उसके साथ ही साथ सीपी, जेसीपी ट्रैफिक व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखते है। मिली जानकारी अनुसार ट्रैफिक विभाग में टीआई 10, टीएसआई 150, एचसीपी 15, हेड कांस्टेबल 260, एपी एवं सीपी आरक्षी मिलाकर 625 लखनऊ जनपद में तैनात है।
अपने जानने वालों किया जाता है नजर अंदाज
ट्रैफिक विभाग में कार्य कर चुके अधिकारियों की माने तो विभाग में भाईचारा बहुत ही निभाना पड़ता है। जिसके कारण अधिकतर वाहनों को नजरअंदाज करना पड़ता है। वहीं शहर भर में पीपीएस, आईपीएस एवं आईएएस अधिकारियों सहित नेताओं की तमाम गाड़ियां डग्गामार वाहनों में चल रहीं है। जिसपर ट्रैफिक के अधिकारी चाह कर भी कार्रवाई नहीं कर पाते साथ ही कुछ अधिकारी सुविधा शुल्क के नाम पर वाहनों को शहर के अंदर एवं शहर से बाहर निकालने का कार्य करते है। वहीं जो ईमानदारी कर्मचारी है वह अपनी नौकरी बचाते हुए उन वाहनों को नजर अंदाज कर देते है।

Related Articles

Back to top button