
लखनऊ। पारा थाना क्षेत्र में रहने वाले एक युवक को लुटेरों ने नशीला पदार्थ खिलाकर उसका ई-रिक्शा, मोबाइल फोन व रूपये लूट ले गये। युवक के परिजनों ने इस सम्बंध में पारा पुलिस को एक गुमशुदगी की तहरीर थी। घटना 16 मई की है। रोज की तरह इरशाद अहमद पुत्र नवीजन उर्फ जुम्मन निवासी रजानगर, पारा अपनी ई-रिक्शा यूपी 32 एनएन 9827 लेकर घर से निकला था। वह पहली सवारी लेकर मवईया के लिए निकला था। जहां दूसरी सवारी उसने बाजारखाला के लिए बैठायी और फिर तीसरी सवार कैसरबाग के लिए बैठाया था। जहां वह जहरखुरानी का शिकार हो गया। पिता जुम्मन ने बताया कि अरशाद से आखिरी बार उनकी बात लगभग दोपहर 4ः30 बजे हुई थी। जिसके बाद से उसका फोन स्वीचआॅफ हो गया था। इरशाद से बात न होने पर परिजनों ने किसी अनहोनी की आशंका जताते हुए। उसकी खोजबीन शुरू की, लेकिन उसका देर रात तक कोई सुराग नहीं लगा। थक हार कर परिजन इस सम्बंध में गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखने के लिए पारा थाने पहुंचे तो पुलिस ने तहरीर तो ले ली, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की। सुबह 9 बजे जब इरशाद लड़खड़ाते हुए कुमारपुरम में मिला तो परिजन पहले उसे लेकर रानी लक्ष्मीबाई अस्पताल पहुंचे जहां प्राथमिक उपचार के बाद डाॅक्टरों ने युवक को थाने ले जाकर मुकदमा दर्ज कराने के बाद अन्य उपचार करने के लिए कहां। परिजन इरशाद को लेकर पारा थाने पहुंचे और इरशाद के साथ हुई घटना को बताया लेकिन पुलिस कार्रवाई करने के बजाय यह कहकर टाल दिया कि जांच के बाद ही कार्रवाई की जायेगी। घटना कैसरबाग कोतवाली क्षेत्र की है। तुम सब कैसरबाग कोतवाली जाकर अपना मुकदमा दर्ज कराओं। परिजनों तहरीर लेकर कैसरबाग कोतवाली पहुंचे। जहां जांच के के बाद कार्रवाई करने की बात कहकर मामले को टाल दिया। और मुफ्त में यह नसीहत दे दी कि पहले अपने बच्चे का इलाज कराओं फिर मुकदमा कराते फिरना। मुकदमा कराने से कोई रिक्शा नहीं मिलेगा। इरशाद के साथ हुई घटना के 24 घंटे बीत चुके है लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब देखना यह कि पारा पुलिस पीड़िता का मुकदमा दर्ज करेंगी या कैसरबाग पुलिस। फिलहाल जहरखुरानी का शिकार हुआ इरशाद के लिए मुकदमा दर्ज कराना बड़ी तेढ़ीखीर है।



