प्रयागराज में बेखौफ बदमाशों ने गवाह एवं दो जवानों को गोलियों से किया छलनी

लखनऊ। एक बार फिर अपराधियों ने शासन प्रशासन को खुलेआम चुनौती देते हुए। दुर्दांत घटना को अंजाम देते हुए पुलिस के दो जवानों पर हमला करते हुए विधायक राजू पाल हत्याकांड के गवाह उमेश पाल को बम और गोलियों से छलनी कर मौत के घाट उतार दिया। इस घटना में एक जवान शहीद एवं दूसरा गम्भीर रूप से घायल हो गया है।
विधायक राजू पाल हत्याकांड के गवाह उमेश पाल की हत्या के मामले को शासन ने गंभीरता से लिया है। डीजीपी डीएस चैहान ने प्रयागराज कमिश्नरेट से वारदात की विस्तृत रिपोर्ट तलब करके शासन भेजी है। एसटीएफ को वारदात अंजाम देने वाले शूटरों की तलाश में लगाया गया है। लखनऊ मुख्यालय से भी एसटीएफ के कई अधिकारियों को प्रयागराज यूनिट की मदद करने भेजा गया है।
एसटीएफ की टीमें आसपास के जिलों में भी हमलावरों को तलाश कर रही है। इस मामले में कई अधिकारियों पर कार्रवाई होने के आसार नजर आ रहे है। वहीं अतीक के भाई अशरफ पर भी जेल में पैनी निगाह रखी जा रही है। बीते कुछ दिनों के दौरान जेल में आए मुलाकातियों के बारे में भी छानबीन शुरू कर दी गई है। डीजीपी मुख्यालय ने प्रयागराज कमिश्नरेट से घटना की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। वहीं इस सम्बंध में कई बदमाशों को पूछताछ के लिए उठाया गया है।
एसटीएफ मुख्यालय के अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए जाने के साथ ही एसटीएफ की प्रयागराज यूनिट को सक्रिय किया गया है। कुछ माह पूर्व गवाह उमेश पाल ने माफिया अतीक अहमद व उसके भाई अशरफ के विरुद्ध धमकाने का मुकदमा भी दर्ज कराया था। एडीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार ने कहा कि एसटीएफ को भी सक्रिय किया गया है। अतीक के विरुद्ध कोर्ट में 54 मुकदमे विचाराधीन हैं। उसकी 1200 करोड़ रुपये से अधिक की चल-अचल संपत्तियों को बीते पांच साल में पुलिस ने जब्त किया है। जल्द ही इस घटना को अंजाम देने वाले शूटर दबोच लिए जाएंगे।



