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साइबर अपराधियों ने बदला ठगी का तरीका! जानिये बचाव का तरीका

लखनऊ। वाॅइस क्लोनिंग फ्राड से सावधान रहने की आवश्यकता है। साइबर अपराधियों ने लोगों से ठगी करने का एक नया तरीका अख्तयार कर लिया है और रोजाना प्रदेश में सैकड़ों लोगों को ठगी का शिकार बना रहे है। इन ठगों के खिलाफ पुलिस भी कोई ठोस कदम नहीं उठा पा रही है।
विदित हो कि वाॅइस क्लोनिंग फ्राड एक नये तरीके का साइबर फ्राड है। साइबर फ्राड करने वाले आटीफिशयल इंटेलिजेन्टस की मदद से किसी भी व्यक्ति की आवाज हुबहु उसकी तरह बना/निकाल सकते है। साइबर फ्राड करने वाले किसी भी व्यक्ति को अपना निशाना बना सकते है। बस जरूरत है उनसे सावधान रहने की। साइबर फ्राड करने वाले आपके परिजन एवं रिश्तेदार की आवाज में आपको फोन करके मदद के बहाने आपसे पैसा ऐठ सकते है। अगर उनके झांसे में आ गये तो पलक झपकते ही अपना एकाउंट कुछ मिनटों में खाली हो जायेगा। पुलिस अधिकारियों की माने तो 85 प्रतिशत लोग वाइस क्लोनिंग फ्राड में अपना सब कुछ लूटा बैठते है। वाइस क्लोनिंग की मदद से साइबर अपराधी आपके भाई, बहन, पति, पत्नी, माता-पिता एवं रिश्तेदारों की हुबहु आवाज निकाल/बना सकते है। यह साइबर अपराधी ठगी करने के लिए अपहरण, एक्सीडेंट, बीमारी सहित अन्य कोई समस्या को बताकर ठगी करने का प्रयास करते है।
बचाव के उपाय
जब भी किसी अंजान नम्बर से फोन आये और वह अपने आपको आपका रिस्तेदार बातकर मुसिबत या अन्य किसी समस्या को बताकर पैसे की मांग करते तो तुरन्त होशियार हो जाये और फोन करने वाले व्यक्ति से यह कहकर फोन कांट दे कि एक मिनट रूकों कुछ इंतजाम करता हूं। साथ ही फोन करने वाले व्यक्ति से उसके नाना या बाबा, सहित अन्य किसी ऐसे व्यक्ति का नाम पूछे जो आप और आपके रिश्तेदार, भाई-बहन, माता-पिता, पत्नी व पति जानते हो। ताकि यह पहचान कर सके कि फोन करने वाला व्यक्ति सही है। अगर वह आपके जवाबों का सही उत्तर नहीं दे पाता तो समझ जाये कि वह कोई ठग है और फोन काटकर सम्बंधित व्यक्ति से तुरन्त बात करें। ताकि सही स्थिति का पता चल सकें।
साइबर हेल्पलाइन नम्बर
अगर किसी कारण वश आपके साथ ठगी हो जाये तो तुरन्त साइबर हेल्पलाइन 1930 फोन करके अपनी शिकायत दर्ज करायें।

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