अपराध

डॉक्टर जैन जबरन बन बैठे यौन रोग विशेषज्ञ, प्रशासन कार्रवाई में जुटा

लखनऊ। यूपी की राजधानी लखनऊ में कई डॉक्टर गैरकानूनी रूप से अपने आपको यौन रोग विशेषज्ञ मान बैठे। जो जगह-जगह अपना प्रचार-प्रसार फैलाकर आम जनता को गुमराह कर रहे है। ऐसे लोगों के खिलाफ आयुष विभाग एवं पुलिस विभाग ने सख्त कार्रवाई की बात कही है।
आयुर्वेदिक डॉक्टर पी. के. जैन, पियूष जैन और संचय जैन द्वारा लखनऊ की लाटूश रोड पर बांसमंडी चौराहे के आगे होटल आशा के पास डॉ. पी. के. जैन’ क्लीनिक प्राइवेट लिमिटेड तथा हुसैनगंज मेट्रो स्टेशन गेट संख्या 2 के सामने होटल मेरा मन के पास डॉ. पी. के. जैन’ महराणा क्लीनिक प्राइवेट लिमिटेड नाम के आयुर्वेदिक क्लीनिक्स को यौन रोग ( सेक्स ) क्लीनिक्स के रूप में अवैधानिक रूप से प्रचारित-प्रसारित करने के खिलाफ सूबे के आयुष विभाग और लखनऊ के पुलिस महकमे ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। एक निजी व्यक्ति की शिकायत को सही पाते हुए आयुष विभाग और लखनऊ पुलिस के अधिकारियों ने इन डॉक्टर्स और क्लीनिक्स के सेक्स क्लीनिक्स और सेक्सोलोजिस्ट वाले विज्ञापनों को हटाने के लिए कार्यवाही शुरू कर दी है।
लोगों की मानते तो यह सुनने में तो अटपटा लगता है कि मेडिकल टर्म में कोई खुद को सेक्सॉलजिस्ट या यौन रोग विशेषज्ञ कैसे कह सकता है। सेक्सॉलजिस्ट बनने के लिए एमबीबीएस के बाद भी कोई स्पेशल ब्रांच नहीं है। इसके लिए कई ब्रांच की पढ़ाई करनी होती है जिनमें साइकायट्री, एंड्रॉलजी, यूरोलॉजी जैसे कई कोर्सों के बाद इंसानी सेक्सुअल रेस्पॉन्स जैसे विषयों में पीएचडी जैसी डिग्रियां हासिल करनी होती हैं लेकिन पी. के. जैन, पियूष जैन और संचय जैन के द्वारा मात्र आयुर्वेदिक विधा की डिग्री के आधार पर पंजीकरण कराकर मरीजों के साथ धोखाधड़ी करते हुए खुद को सेक्सोलोजिस्ट और अपने क्लीनिक्स को सेक्स क्लीनिक्स के रूप में गैरकानूनी रूप से स्थापित करने वाले विज्ञापन और दावे इन्टरनेट,सोशल मीडिया,मीडिया, नगर निगम के होर्डिंग्स आदि माध्यमों से प्रचार-प्रसार कर रहे है। इन्हीं सभी प्रमाणों के साथ मुख्यमंत्री को शिकायतें भेजी गयी थीं जिसके बाद सूबे का सरकारी अमला हरकत में आया है और जैन क्लीनिकों पर कार्रवाई में जूट गया है।
क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी, लखनऊ ने सिसवारा राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय के डा. शीलेन्द्र को शिकायत की जांच सौंपी। शीलेन्द्र ने इन डॉक्टर्स को अवैधानिक प्रचार करने का दोषी पाते हुए विज्ञापनों से यौन रोग विशेषज्ञ हटाने का आदेश देने के साथ-साथ भविष्य में विज्ञापन जारी करने से पहले विज्ञापन हेतु विभागीय अनुमति लेने तथा विज्ञापन शुल्क जमा कराने के निर्देश दिए और दोनों क्लीनिक्स से औषधियों के नमूने परीक्षण के लिए सीज किये इन नमूनों को विश्लेषण के लिए राजकीय औषधि प्रयोगशाला भेजे जाने की बात कही है। डॉ. शीलेन्द्र ने अपनी जांच आख्या शासन को भेज दी है ।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button