रात होते ही चरमरा जाती है बिजली व्यवस्था, उपभोक्ताओं में बढ़ रहा आक्रोश

लखनऊ। शकुंतला पावर हाउस, एफसीआई पावर हाउस एवं सरोसा-भरोसा पावर हाउस से जुड़े क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था लगातार सवालों के घेरे में है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि दिनभर किसी तरह बिजली आपूर्ति बनी रहती है, लेकिन रात होते ही व्यवस्था चरमरा जाती है। विशेष रूप से रात 11 बजे के बाद बिजली का आना-जाना शुरू हो जाता है, जिससे हजारों उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि जब आम आदमी दिनभर की मेहनत के बाद रात में चैन की नींद सोना चाहता है, तभी बिजली विभाग की अव्यवस्थित आपूर्ति व्यवस्था लोगों की परेशानी का कारण बन जाती है। बार-बार बिजली कटने और आने से न केवल लोगों की नींद प्रभावित हो रही है, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका बनी रहती है।
शकुंतला पावर हाउस, एफसीआई पावर हाउस और सरोसा-भरोसा पावर हाउस से जुड़े राजनगर, कुमारपुरम, पारा गांव, बुद्धेश्वर, हर्ष नगर तथा आसपास के इलाकों के उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन इसके स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि बिजली विभाग के अधिकारियों के पास फॉल्ट का त्वरित पता लगाने और उसे तुरंत ठीक करने के लिए पर्याप्त आधुनिक उपकरण उपलब्ध नहीं हैं। यही कारण है कि मामूली तकनीकी खराबी भी घंटों तक बिजली आपूर्ति बाधित होने का कारण बन जाती है।
क्षेत्रीय जनता ने विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि रात्रिकालीन बिजली आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं तथा फॉल्ट की समस्या से निपटने के लिए आधुनिक तकनीक और उपकरणों की व्यवस्था की जाए, ताकि उपभोक्ताओं को बार-बार होने वाली इस परेशानी से राहत मिल सके।


