अपराधलखनऊ

प्रेमी के प्यार के लिए पति को उतारा मौत के घाट, बच्चों के सिर से उठा पिता का साया

लखनऊ। राजधानी में अपहर्ताओं ने खंदारी बाजार निवासी कारोबारी मोहम्मद शोएब की तरह अब एक व्यक्ति को अगवा कर मौत की नींद सुला दिया। नगराम क्षेत्र निवासी जयलाल यादव के 42 बेटे राम यादव को अपहरणकर्ताओं ने 18 दिसंबर को कार खरीदने के बहाने राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान से अगवा कर लिया और कलयुगी पत्नी संगीता यादव के इशारे पर उसके प्रेमी प्रोफेसर अवशिष्ट कुमार ने एक कुन्ती नाम की महिला सहित चार लोगों के साथ मिलकर गोली मारकर हत्या करने के बाद शव को इंदिरा नहर में फेंक दिया। इस सनसनीखेज मामले का खुलासा कर विभूतिखंड पुलिस ने मृतक की पत्नी संगीता यादव, लखीमपुर-खीरी जिले के खत्री टोला व हाल पता राजकीय पालीटेक्निक कैंपस जहांगीराबाद बाराबंकी निवासी अवशिष्ट कुमार, ग्राम डखौली बाराबंकी निवासी संतोष कुमार, सुशील कुमार व बड़ी लाइन बाराबंकी निवासी कुन्ती को गिरफ्तार कर किया।
पुलिस ने घटना में इस्तेमाल एक तमंचा, एक पिस्टल, अवशिष्ट के पर्स संगीता का चार फोटो, दो आधार कार्ड, एक पैन कार्ड व एक पोस्ट पेमेंट कार्ड बरामद किया है। मूल रूप से नगराम क्षेत्र के हयात नगर निवासी राम यादव राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में कार्यरत थे। वह 18 दिसंबर को संस्थान से ही संदिग्ध हालात में लापता हो गए थे। इस मामले में पत्नी संगीता यादव के अलावा पिता जयलाल यादव, मां पिराया सहित परिवार के अन्य लोगों का रो-रोकर बुरा हाल था, लेकिन उन्हें क्या मालूम था कि जिस बहू संगीता पर जयलाल जान न्योछावर करते थे और वही उनके बेटे की कातिल बन जायेगी। डीसीपी पूर्वी अमित कुमार आनंद के मुताबिक इस मामले की गहनता से छानबीन की गई तो संगीता की विरोधभास बातों पर शक हुआ और उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो घटना की परत-दर-परत खुलती गई।
प्रेमी संग मिलकर करवाई थी पति की हत्या: एडीसीपी पूर्वी
एडीसीपी पूर्वी कासिम आब्दी का कहना है कि हिरासत में लेने के बाद संगीता पहले तो तरह-तरह की बातें बताकर गुमराह कर रही थी, लेकिन उसके घड़ियाली आंसू साफ़ बयां कर रहे थे कि राम यादव का कातिल कोई और नहीं बल्कि पत्नी ही है। उन्होंने बताया कि पूछताछ में संगीता का प्रेमी अवशिष्ट कुमार ने बताया करीब पांच-छह साल से संगीता से अवैध संबंध थे। जानकारी होने पर राम विरोध किया, जिसके चलते संगीता के साथ मिलकर योजना बनाई और 18 दिसंबर को कार खरीदने के बहाने अगवा कर अपने साथियों संतोष कुमार, सुशील कुमार, डीपी सिंह व कुन्ती के साथ मिलकर हत्या कर दी।
एसीपी अनूप कुमार सिंह का कहना है कि पूछताछ में संगीता ने बताया कि वह अपने पति से काफी परेशान थी, जिसके चलते अपने प्रेमी के साथ मिलकर घटना को अंजाम देने की बात बताई। उन्होंने बताया कि इस घटना में शामिल डीपी सिंह फरार है जिसकी तलाश में पुलिस उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। हालांकि पुलिस कातिलों को पकड़ तो लिया लेकिन अभी तक राम यादव के शव को बरामद नहीं कर सकी है। इस घटना का राजफाश करने वाली पुलिस टीम को डीसीपी पूर्वी ने 25 हजार रुपए इनाम देने की घोषणा की है।
शोएब की तरह राम को भी नहीं बचा सकी पुलिस
42 वर्षीय राम यादव की मौत पुलिस की भीषण विफलता का सुबूत है। बारह दिनों से तफ्तीश का दावा कर रही पुलिस उसे बचा न सकी। सर्विलांस से लेकर मुखबिर तंत्र तक सभी कवायदें गुमराह करने वाली कलयुगी पत्नी संगीता के आगे घुटने टेक गई। पुलिस ने संगीता और उसके प्रेमी प्रोफेसर अवशिष्ट कुमार सहित पांच लोगों को गिरफ्तार कर भले ही इस कांड का खुलासा कर दिया, लेकिन शोएब हत्या काण्ड की तरह यह घटना भी पुलिस के गिरते इक़बाल की गवाह है।
स्वीकार की हत्या की बात
एडीसीपी पूर्वी कासिम आब्दी के मुताबिक राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में कार्यरत राम यादव होने के मामले में सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज की मदद से गिरफ्तार संतोष और सुशील का नाम प्रकाश में आया और पुलिस की टीमें तह तक पहुंचने में सफल रही। उधर संदेह के आधार पर हिरासत में ली गई संगीता से पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो संगीता ने पति की हत्या करवाने की बात स्वीकार किया कि बाराबंकी जिले में राजकीय पालीटेक्निक कैंपस जहांगीराबाद में नौकरी करने वाले प्रोफेसर अवशिष्ट कुमार से प्रेम चल रहा था। इसी कारण अपने प्रेमी संग मिलकर पति को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने की योजना बना हत्या करवा दी।
एडीसीपी पूर्वी कासिम आब्दी का कहना है कि पुलिस की एक टीम शव की तलाश में लगी हुई है।
उठ गया बच्चों के सिर से पिता का साया
नगराम निवासी जयलाल यादव ने बताया कि उनके तीन बेटे सियाराम यादव, राम यादव व मनीष कुमार यादव हैं। उनका कहना है कि राम राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में नौकरी करता था और संस्थान में ही पत्नी संगीता, 12 वर्षीय बेटे दिवाकर व दो बेटियों काजल व परी के साथ रहता था। जयलाल ने बताया कि उनका बेटा राम 18 दिसंबर को संस्थान से ही लापता हो गया था। पूरा गांव, करीबी रिश्तेदारों को जैसे ही खबर मिली कि राम का कातिल कोई और नहीं बल्कि उसी की पत्नी संगीता थी। यह सुनते ही सभी लोग सन्न रह गए। कल तक जिसकी सलामती के लिए सभी प्रार्थना कर रहे थे और मासूम बच्चों को पिता के आने का इंतजार था, लेकिन जैसे ही सुना कि अब राम यादव दुनिया में नहीं हैं मानों पूरे परिवार के उपर कहर का पहाड़ टूट पड़ा।

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