उत्तर प्रदेश

चाइल्ड लाइन कर्मियों ने बेच दिया दुष्‍कर्म पीड़‍िता का बच्चा, पुलिस मामले की जांच में जुटी

लखनऊ। सरकार द्वारा चाइल्ड लाइन बच्चों के हित एवं सुरक्षित करने के लिए संचालित किया गया है। यहां के कर्मचारियों ने एक संगीन अपराध कर समाज को शर्मसार किया है। ताजा मामला जिला सुल्तानपुर थाना गोसाईगंज क्षेत्र का है। जहां चाइल्डलाइन के कर्मचारियों ने ही एक नाबालिग दुष्‍कर्म पीड़‍िता का गुपचुप तरीके से प्राइवेट नर्सिंग होम में प्रसव करवाकर उसके कलेजे के टुकड़े बेटे को बेच दिया। इस शर्मसार करने वाले हैरतअंगेज कारनामे का पता तब चला जब प्रोबेशन महकमे ने बालिका का फालोअप करवाया। पीड़ि‍ता व उसकी मां के बयान पर जब गोसाईंगंज थाने की पुलिस ने जांच शुरू की तो जानकारी मिली है। चाइल्ड लाइन की ही महिलाकर्मी ने पीड़िता को प्रसव के लिए भर्ती कराया और ऑपरेशन आदि के पैसा का भुगतान किया है।
सुल्तानपुर जिले गोसाईंगंज क्षेत्र के एक गांव की 16 वर्षीय बालिका करीब साल भर पहले सुलतानपुर स्टेशन पर लावारिस मिली थी। रेलवे पुलिस ने उसे चाइल्ड लाइन भेजा। वहां काउंसिलिंग की गई तो गांव के ही एक युवक द्वारा दुष्‍कर्म किये जाने व मेडिकल परीक्षण में गर्भवती होने की पुष्टि हुई थी। तब गोसाईंगंज थाने में मुकदमा दर्ज कर मुलजिम को जेल भेजा व सीडब्ल्यूसी के माध्यम से पीड़‍ित बच्ची को उसके माता-पिता के साथ भेजा गया था। बालिका की सामाजिक शारीरिक स्थिति का पता लगाया जाने लगा तो पता चला कि उसे दो चाइल्ड लाइनकर्मी एक दिन घर से ले आए। उनमें से एक महिलाकर्मी बालिका को अपने साथ अपने पास ले आई। कई महीनों तक साथ रखा। फिर गर्भ पूरा होने पर चुनहा करौंदिया स्थित नर्सिंग होम में भर्ती कराया। वहां ऑपरेशन से बेटा पैदा हुआ, जिसे महिला कर्मी ने किन्ही दो औरतों को दे दिया, पीडि़ता रोने चिल्लाने लगी तो उसे डांटकर चुप करा दिया। फॉलोअप में काउंसलर ने स्पष्ट लिखा है कि प्रतीत होता है कि बच्चा बेच दिया गया है। प्रोबेशन अधिकारी व सीडब्ल्यूसी ने प्रकरण में थाना गोसाईगंज थाने से विस्तृत जांच करने को कहा तो गहन व गोपनीय जांच शुरू की गई है।
जांच में हुई प्रसव कराने की पुष्टि
गोसाईंगंज एसओ संदीप राय ने बताया कि पीड़‍िता व उसकी मां से प्रारंभिक पूछताछ की गई है। उन्होंने यह भी माना कि पीड़िता का प्रसव कराया गया है। लेकिन पीड़िता का बच्चा कहां है इस बात की जानकारी उन्हें अभी नहीं है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि प्रारंभिक जांच चल रही है। मिली जानकारी अनुसार साकेत नर्सिंग होम में तारा शुक्ला ने प्रसव के लिए भर्ती करवाया था। बच्चा कैसे कौन ले गया उसका पता लगाकर बरामद किया जाएगा।

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