राजभवन में गणतंत्र दिवस पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन

लखनऊ। राजभवन में गणतंत्र दिवस पर आयोजित विविध कार्यक्रमों की श्रृंखला में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में राजभवन के अध्यासितों व बच्चों द्वारा देशभक्ति गानों पर जोशीला नृत्य, एकल नाटक व विविध मनोहारी प्रस्तुतियां दी गयी। इस क्रम में भक्त प्रहलाद, महादेवी वर्मा, झलकारी बाई के जीवन चरित पर आधारित एकल नाटक, मेडले नृत्य आदि का प्रदर्शन किया गया।
आज आयोजित कार्यक्रम की भूरि भूरि प्रशंसा करते हुए राज्यपाल जी ने कहा कि राजभवन पिछले 11 घंटे से लगातार गणतंत्र दिवस पर कार्यक्रम के आयोजन हेतु सक्रिय है गणतंत्र दिवस पर राजभवन में एक से बढ़कर एक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
राज्यपाल जी ने कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु हेतु राज भवन के सभी अधिकारी कर्मचारी व संबंधित टीम को बधाई देते हुए कहा कि कोई भी कार्य ऐसा नहीं है जिसे हम नहीं कर सकते हैं। सभी कार्य मूल्यवान है। गणतंत्र दिवस के अवसर पर उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस हमें सिखाता है कि भारत हमारा है हमारा रहेगा और जब तक हम हैं भारत को हमसे कोई छीन नहीं सकता। उन्होंने कहा कि भारत किसी के आगे झुकेगा नहीं।
राज्यपाल जी ने कहा कि हमारे आने वाले 25 वर्ष युवाओं के हैं और 25 साल में भारत को कहां ले जाना है यह जिम्मेदारी युवाओं के कंधे पर हैं। इस संदर्भ में उन्होंने युवाओं को आगे बढ़ाने हेतु माननीय प्रधानमंत्री के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने भारत को विकसित देश बनाने हेतु युवाओं से आह्वान किया कि आजादी के 100 साल पूरे होने पर हम यह दिखाएं कि हमारा भारत गरीब नहीं है, हम चांद तक और सूर्य तक पहुंचने वाले देश हैं। उन्होंने कहा कि यह हमारी ताकत है, हमारे कौशल है, हमारा ज्ञान है। राज्यपाल जी ने हर व्यक्ति अपने अंदर श्रेठतम पहचान करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि जिसने भी अपने को ढूंढा है अपने को पहचाना है, वही श्रेष्ठ करके गए हैं। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राज्यपाल डॉ. सुधीर महादेव बोबडे, विशेष सचिव बी0 एन0 सिंह, राजभवन के अधिकारी गण, कर्मचारी व अध्यासित मौजूद रहे।



