पाँच वर्षीय मासूम की हत्या व यौन उत्पीड़न मामले में आरोपी को आजीवन कारावास

विशेष अदालत ने मोहम्मद इब्राहिम को सभी आरोपों में दोषसिद्ध कर सुनाई कठोरतम सजा
लखनऊ। चारबाग रेलवे स्टेशन पर पाँच वर्षीय बालक के अपहरण, क्रूर लैंगिक उत्पीड़न और निर्मम हत्या के सनसनीखेज मामले में सत्र न्यायालय/विशेष न्यायालय (पॉक्सो अधिनियम) ने मंगलवार को अभियुक्त मोहम्मद इब्राहिम को सभी आरोपों में दोषसिद्ध कर कठोरतम सजा सुनाई। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) कुमार प्रशान्त ने यह फैसला सुनाते हुए अभियुक्त को आजीवन कठोर कारावास सहित अन्य सजाएं दीं।
मामला थाना जीआरपी चारबाग, लखनऊ का मु०अ०सं०-471/2024 है। अभियुक्त मोहम्मद इब्राहिम (आयु 22 वर्ष), पुत्र मोहम्मद जहीरुद्दीन, निवासी ग्राम केदारपुर, तहसील महमूदाबाद, जनपद सीतापुर पर धारा 137(2), 103(1), 212 भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), धारा 5/6 पॉक्सो अधिनियम तथा धारा 3(2)(v) अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत आरोप तय किए गए थे।
घटना का विवरण
अभियोजन पक्ष के अनुसार 15 दिसंबर 2024 की रात करीब 12 बजे चारबाग रेलवे स्टेशन पर राजस्थान से आई वादिनी कंचन (पीड़ित की मां) अपने पाँच वर्षीय पुत्र के साथ बैठी हुई थीं। तभी एक अज्ञात व्यक्ति (अभियुक्त) उनसे बातचीत करने लगा और बालक को खिलाने-खिलाने का बहाना बनाकर बहला-फुसला लिया। मां की नींद खुलने पर बालक गायब मिलने पर उन्होंने आसपास खोजबीन की, लेकिन बालक नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
जांच में सामने आया कि अभियुक्त ने बालक के साथ अत्यंत क्रूरतापूर्वक लैंगिक उत्पीड़न किया और उसकी हत्या कर शव को स्टेशन यार्ड में फेंक दिया। शव विच्छेदन रिपोर्ट में मृत बालक के सिर पर गंभीर चोट, मस्तिष्क में सबड्यूरल व सबअरेक्नॉइड हेमाटोमा तथा गुदा क्षेत्र में चोट व फैलाव के निशान पाए गए। मृत्यु का कारण चोटों के कारण कोमा में जाना बताया गया।
साक्ष्य व दोषसिद्धि
न्यायालय ने मौखिक, चिकित्सकीय, दस्तावेजी एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्यों का गहन अनुशीलन करने के बाद पाया कि अभियोजन पक्ष अपने पक्ष को युक्तियुक्त संदेह से परे साबित करने में पूर्णतया सफल रहा है। अभियोजक का पक्ष रखते हुए अभिषेक उपाध्याय और अरुण कुमार की अदम पैरवी तथा मजबूत साक्ष्य प्रस्तुति के आधार पर न्यायालय ने अभियुक्त को सभी आरोपित धाराओं में दोषी ठहराया।



