लखनऊ के प्रमुख चौराहों पर जाम से जनता परेशान, यातायात व्यवस्था सुधारने की उठी मांग

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में यातायात जाम एक गंभीर समस्या बनता जा रहा है। शहर के प्रमुख चौराहों पर दिनभर लगने वाले जाम से आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दफ्तर जाने वाले कर्मचारी, स्कूल-कॉलेज के छात्र, मरीज और एंबुलेंस तक जाम में फंसने को मजबूर हैं।
हजरतगंज, चारबाग, आलमबाग, पॉलीटेक्निक चौराहा, इंदिरानगर, टेढ़ी पुलिया और कमता चौराहा जैसे प्रमुख स्थानों पर सुबह और शाम के समय यातायात की स्थिति सबसे अधिक खराब हो जाती है। सड़क पर वाहनों की संख्या बढ़ने, अवैध पार्किंग, अतिक्रमण और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी के कारण चौराहों पर जाम की समस्या रोजमर्रा का हिस्सा बन चुकी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल या तो ठीक से काम नहीं करते या फिर उनके समय का सही प्रबंधन नहीं है। वहीं कुछ जगहों पर ट्रैफिक पुलिस की पर्याप्त तैनाती न होने से स्थिति और बिगड़ जाती है। नतीजतन छोटी-सी दूरी तय करने में भी आधे से एक घंटे तक का समय लग जाता है।
जाम के कारण न सिर्फ समय की बर्बादी हो रही है, बल्कि ईंधन की खपत बढ़ने से लोगों की जेब पर भी असर पड़ रहा है। साथ ही बढ़ते धुएं और शोर से प्रदूषण का स्तर भी लगातार बढ़ता जा रहा है।
नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस की संख्या बढ़ाई जाए, अवैध पार्किंग और अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, तथा ट्रैफिक सिग्नलों को दुरुस्त कर उनका वैज्ञानिक ढंग से संचालन किया जाए। साथ ही पीक आवर्स में विशेष यातायात योजना लागू करने की भी जरूरत बताई जा रही है।
शहरवासियों को उम्मीद है कि यदि यातायात व्यवस्था को लेकर ठोस कदम उठाए जाएं, तो लखनऊ को जाम से काफी हद तक राहत मिल सकती है।



