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अमर का इस्‍तीफा लेकर अखिलेश के पास गए थे शिवपाल, कहा- रिश्ता रखना चाहते हो तो ठीक, वरना कोई बात नहीं

अमर का इस्‍तीफा लेकर अखिलेश के पास गए थे शिवपाल, कहा- रिश्ता रखना चाहते हो तो ठीक, वरना कोई बात नहीं

लखनऊ-- समाजवादी परिवार में चल रहा घमासान अब अमर सिंह की वजह से अटक गया है। कहा जा रहा है कि मुलायम फिलहाल अमर को पार्टी से निकालने के लिए तैयार नहीं हैं। दूसरी ओर, अखिलेश चाहते हैं कि मीडिया के सामने मुलायम ये एलान करें कि अब सीएम ही पार्टी के सब कुछ हैं। वहीं, सूत्रों की मानें तो अमर सिंह का इस्तीफा लेकर शिवपाल, अखिलेश यादव के पास गए थे, लेकिन सीएम ने इसे लेने से इनकार कर दिया। बता दें कि इससे पहले दोनों खेमों के बीच 6 बार सुलह की कोशिशें फेल हो चुकी हैं।शिवपाल ने अखिलेश से कहा- तुम चाहो तो मैं भी इस्तीफा दे दूं...
- सूत्रों के मुताबिक, शिवपाल यादव शुक्रवार की सुबह मुलायम से मिलने के बाद 10:30 बजे अमर सिंह का इस्तीफा लेकर अखिलेश के पास गए थे।
- उन्होंने सीएम से कहा- "पार्टी के सभी पदों से अमर सिंह ने इस्तीफा दे दिया है। अगर तुम चाहो तो मैं भी पार्टी से इस्तीफा दे दूं।"
- बातचीत के दौरान शिवपाल ने ये भी कहा- "रिश्ता रखना चाहते हो तो रखना, वरना कोई बात नहीं।"
- इसके बाद अखिलेश यादव ने कहा, "अमर सिंह का इस्तीफा आप मुझे क्यों दे रहे हैं? इसे नेताजी को दीजिए। वही फैसला करेंगे।"
- शुक्रवार को ही रामगोपाल ने कहा, "हमारे पास 229 में से 212 विधायकों का समर्थन है। यही सपा असली है। हम अखिलेश की ही अगुआई में चुनाव लड़ेंगे।" (पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
मुलायम ने ईसी को लेटर लिखा, अखिलेश ने अकाउंट फ्रीज कराए
- शुक्रवार शाम मुलायम सिंह यादव ने चुनाव आयोग को लेटर लिखा। कहा- "पार्टी सिंबल के मामले में 9 जनवरी को मेरा पक्ष सुना जाए।"
- इस बीच, अखिलेश यादव ने पार्टी के अकाउंट फ्रीज करा दिए। इसमें 500 करोड़ रुपए हैं। लेन-देन शिवपाल के दस्तखत पर होता है।
- दिल्ली, लखनऊ और इटावा में ये खाते हैं। अखिलेश के साथ कांग्रेस के गठबंधन की चर्चा है। जल्द ही अखिलेश-राहुल की मुलाकात हो सकती है।
बेनी प्रसाद वर्मा ने भी बेटे का टिकट वापस करने का रखा ऑफर
- सूत्रों का कहना है कि दोपहर करीब 1 बजे के आसपास बेनी प्रसाद वर्मा भी मुलायम के घर पहुंचे।
- यहां उन्होंने अपने बेटे का टिकट वापस करने का ऑफर भी मुलायम के सामने रखा। हालांकि, इस ऑफर को टाल दिया गया।
- बता दें कि अखिलेश नहीं चाहते हैं कि बेनी के बेटे को टिकट दिया जाए।
दोपहर को पलटा मामला
- पार्टी के लोगों के मुताबिक, जब अमर सिंह दोपहर में शिवपाल के साथ मुलायम के घर से निकले, तब से मामला पलट चुका था।
- कहा जा रहा है कि अमर के बुलावे पर एक न्यूज एजेंसी उनके पास पहुंची। यहां उन्होंने अखिलेश पर निशाना साधा। इस बात की खबर जब अखिलेश के पास पहुंची तो उनकी नाराजगी और बढ़ गई।
अलग चुनाव लड़ने का एलान करने वाले थे मुलायम
- मुलायम शाम 4 बजे प्रेस कॉन्‍फ्रेंस कर अलग चुनाव लड़ने का एलान करने वाले थे, लेकिन आजम ने उनके घर पहुंचकर प्रेस कॉन्‍फ्रेंस कैंसल करा दी।
- आजम ने भी अमर को पार्टी से हटाने की बात नेताजी के सामने रखी, लेकिन जब बात नहीं बनी तो वो वहां से निकल गए।
टीम अखिलेश की मांग- सीएम ही रहें राष्ट्रीय अध्यक्ष
- टीम अखिलेश के अलग-अलग नेताओं का मानना है कि सीएम ही राष्ट्रीय अध्यक्ष बने रहें।
- यही वजह रही कि दिल्ली से लखनऊ के घटनाक्रम पर नजर रख रहे रामगोपाल यादव शुक्रवार को चुनाव आयोग नहीं पहुंचे।
- टीम अखिलेश से जुड़े सूत्रों का कहना है कि अगर अमर इस्तीफा देना चाहते हैं तो पार्टी के साथ-साथ राज्यसभा से भी दे दें।
किसने क्या कहा?
- अखिलेश गुट के नरेश अग्रवाल ने कहा- "अमर सिंह लखनऊ नहीं आते तो सुलह हो जाती। उन्हें कुर्बानी देनी होती तो लखनऊ नहीं आते। वो बीजेपी के एजेंट हैं और पार्टी को तोड़ने आए हैं।"
- रामगोपाल यादव ने बताया कि सुलह के आसार खत्म हो गए हैं। सिंबल के लिए चुनाव आयोग को सबूत देंगे।
- अमर सिंह ने न्यूज एजेंसी को दिए इंटरव्यू में कहा कि जिस चाचा शिवपाल के घर सीएम पले- बढ़े, उन्हीं के आज विरोधी हो गए हैं। जो विधायक शिवपाल के साथ रहने से दागी थे, अब अखिलेश के पक्ष में हां जी-हां जी कर पाक-साफ कैसे हो गए।