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सेक्स रैकेट संचालकों के बीच फंसी पुलिस, लिये थे चार लाख

सेक्स रैकेट संचालकों के बीच फंसी पुलिस, लिये थे चार लाख

आईजी ए सतीश गणेश ने की जांच शुरू
लखनऊ। हम आपको पुलिस के दो चहेरे दिखाना चाहिते है। जिसमें एक ओर आलमबाग पुलिस है। तो दूसरी ओर विभूतिखण्ड पुलिस। आलमबाग पुलिस ने सेक्स रैकेट की सूचना मिलते ही तत्वरित कार्रवाई करते हुए संचालिका, कॉलगर्ल सहित छात्र को जेल का रास्ता दिखा दिया। वहीं विभूतिखण्ड पुलिस ने सेक्स रैकेट का संचालन कर रहे होटल मालिक व संचालक पर कार्रवाई किये बिना ही चार लाख रुपये लेकर मामले को वारे-नियारे कर दिये। मामले की जानकारी मीडिया के जरिये जब आईजी जोन लखनऊ ए सतीश गणेश को हुई तो उन्होंने एसएसपी मंजिल सैनी को मामले की जांच एवं डीआईजी रेंज लखनऊ प्रवीण कुमार को इसका सुपरविजन करने का निर्देश दिया है।
दो दरोगाओं की हालत खराब 
जांच के निर्देश की जानकारी मिलते ही रिश्वत लेने वाले उप निरीक्षकों को ठंड में पसीना आने लगा है और उसकी हालत खराब होने लगी है। 
विभूतिखंड पुलिस होटल मैनेजर पर कार्रवाई और अपनी इज्जत बचाने के लिए आलाधिकारियों और आकाओं को खुश करने के लिए उनके दरवाजे पर चक्कर काटने लगी है। आईजी की कार्रवाई पर लगभग छह से अधिक पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई होना लगभग तय है।
यह है पूरा मामला
बुधवार को एक युवक ने फोन कर विभूतिखंड थाने के पास सेक्स रैकेट चलने की सूचना दी थी।
जानकारी पाकर आनन-फानन में पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और पड़ताल की।
इस दौरान पुलिस को आपत्तिजनक चीजें मिलीं थीं।
विभूतिखंड पुलिस ने कार्रवाई के बजाय होटल मैनेजर से सांठगाठ कर मामले की सूचना उच्चाधिकारियों को न देते हुए मामले में खेल कर दिया। बताया जाता है कि थाने में तैनात दो दारोगाओं ने करीब चार लाख रुपये लेकर मामले को दबा दिया।
क्राइम ब्रांच में तैनात सिपाही के संरक्षण में चल रहा था सेक्स रैकेट
ट्रांस गोमती इलाके सेक्स रैकेट का संचालन पूर्व में क्राइम ब्रांच में तैनात रहे एक सिपाही के संरक्षण में चल रहा है। इसकी जानकारी आला अधिकारियों को भी है लेकिन सभी कार्रवाई से बच रहे हैं। बताया जा रहा है कि सूचना मिलने के बाद सबसे पहले गोमतीनगर की पीआरवी पहुंची थी। इसके बाद विभूतिखंड पुलिस को जानकारी दी गई। पुलिस को देखकर होटल कर्मचारियों ने एक दारोगा को फोन कर मामले की जानकारी दी। इसके बाद दारोगा अपने साथी सब इंस्पेक्टर के साथ पहुंचे। हालांकि नाइट अफसर को मौके पर नहीं बुलाया गया और यूपी 100 की पुलिस को वहां से रवाना कर दिया गया। होटल मैनेजर ने जिस दारोगा को मामला मैनेज कराने के लिए बुलाया था उनकी ड्यूटी कालीदास मार्ग पर लगी थी। बावजूद इसके वह फौरन होटल पहुंच गए और सेक्स रैकेट के गोरखधंधे को देर रात तक मैनेज करने में जुटे रहे थे। होटल के मैनेजर का कहना है कि बुधवार रात करीब 11 बजे पुलिस ने होटल में छापेमारी की थी। वहीं इंस्पेक्टर विभूतिखंड कुंवर प्रताप सिंह ने सफाई देते हुए कहा कि पुलिस को होटल के प्रत्येक कमरे में कॉलगर्ल के होने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचकर छानबीन की गई तो सूचना गलत निकली। फिलहाल इस मामले में आईजी ने मामले की जांच एसएसपी मंजिल सैनी को सौंपी है। एसएसपी का कहना है कि मामला सही पाए जाने पर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।