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सपा ने प्रदेश भर के मुसलमानों को दिया धोखा

सपा ने प्रदेश भर के मुसलमानों को दिया धोखा

लखनऊ। अलइमाम वेलफेयर एसोसियेशन (ऑल इण्डिया) के राष्ट्रीय अध्यक्ष इमरान हसन सिद्दकी ने उत्तर प्रदेश के मुसलमानों को स बोधित करते एक बयान जारी किया है इस बयान में इमरान ने कहा की संविधान ने हमे नागरिक होने के नाते हर 5 साल बाद सरकार चुनने का हक दिया लिहाजा आने वाले विधानसभा चुनाव में वह अपने जजबातो और बहकावे में न आकर जो राजनेैतिक पार्टी मुसलमानों के हित और विकास की बात करे उसी राजनैतिक पार्टी मुसलमान अपना बहुमत दे क्योकि 2012 में जिस प्रकार से समाजवादी पार्टी ने मुसलमानों से वादे किये और जिस की बाबत मुसलमानों ने पूरी ताकत से समाजवादी पार्टी के साथ खड़े हुए और पूर्ण बहुमत से समाजवादी पार्टी की प्रदेश में सरकार बनाने में पूरा योगदान दिया परन्तु चुनाव जितने के बाद समाजवादी पार्टी अपने किये हुए सभी वादो को भूल गई और बढी बेशर्मी के साथ हर मंच से मु यमंत्री कहते है कि मैने सारे वादे पुरे किए जबकि घोषण पत्र में मुसलमानों के लिये किये गये वादो में से शायद ही कोई वाद पूरा किया गया हो यहा तक की सन् 1993 मे सुप्रिम कोर्ट द्वारा किये गये फैसले जिसमें इमामो और मोअज्जिनों को वक्फ  बोर्ड के माध्यम से मासिक वेतन देने की बात कही गई है। इससे साफ पता चलता है कि समाजवादी पार्टी मुसलमानों के लिए कितनी संवेदनहिन है । जो पार्टी मुसलमानों के सबसे अहम व्यक्तियों को इन्साफ नही दे सकती तो वो आम मुसलमान के बारे में क्या सोचेगी। मै प्रदेश के सभी मुसलमानों से यह अपिल करता हूॅ कि वह इस बार के चुनाव में अपना और अपनी कौम का जमीनी फायदा देखते हुए उस पार्टी के साथ जाये जो मुसलमानों की सुरक्षा और विकास के लिए कार्य करें। और उन पार्टीयों से भी आगाह रहे जो मुसलमानी चोला पहने हुए व धर्म के नाम पर जज्जाबाती भाषण देकर आप को गुमराह करने के लिए आये है।