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नूर और पूर्णिमा ने उम्मीद की एक बूंद और जल

नूर और पूर्णिमा ने उम्मीद की एक बूंद और जल

यूपी महोत्सव-2016 द्वितीय सांस्कृतिक संध्या
लखनऊ। प्रगति पर्यावरण संरक्षण ट्रस्ट के तत्वावधान में निशातगंज स्थित राजकीय इण्टर कालेज के प्रांगण में चल रहे यूपी महोत्सव 2016 की द्वितीय सांस्कृतिक संध्या में आज नुक्कड़ नाटक व भोजपुरी गीतों ने समां बांधा।स्ंगीत से सजे कार्यक्रम में प्रिया पाल सपना ने अपनी खनकती हुई आवाज में पटना से बैदा बुलाए दे भोजपुरी गीत को सुनाया तो श्रोता मंत्र मुग्ध हो उठे। इसीक्रम में प्रिया पाल ने अपनी पुरकशिश आवाज में महुआ के झूमें डलिया, रेलिया बैरन पिया को लिए जाए रे, कोयल बिना बगिया न सोए राजा, तोहरा बलम कप्तान हो, दुनिया का सब मेला बार बार समझौले से भोजपुरी गीतों को सुनाकर श्रोताओं का दिल जीता।इस अवसर पर मुकुलराज महाकाल गु्रप के कलाकारों माही तिवारी और मुकुलराज ने संयुक्त रूप् से बोल राधा बोल और झूला झूलो राधारानी गीत पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को राधा-कृष्ण की भक्ति का रसापान करवाया। कार्यक्रम में इसके अलावा नीतू शुक्ला के निर्देशन और संजय शुक्ला की परिकल्पना में अल्पना, सुभाषिनी, गोशिया, ज्योति, सम्भवी, नूर और पूर्णिमा नें उम्मीद की एक बूंद और जल और कल विषय पर नुक्कड़ नाटक का मंचन कर दर्शकों को पर्यावरण संरक्षण और जल संचयन करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के आकर्षण का केन्द्र बिन्दु रहा भोजपुरी कॉमेडियन और अभिनेता केके गोस्वामी की लोटपोट कर देने वाली मनमोहक कॉमेडी। केके गोस्वामी ने विभिन्न फिल्मी कलाकारों का मिमिक्री औस सम-सामयिक विषय पर अपने चुटीले समवादों से श्रोता-दर्शकों को हंसा कर लोटपोट कर दिया। इस अवसर पर प्रगति पर्यावरण संरक्षण ट्रस्ट के विनोद कुमार  सिंह, एनबी सिंह, कृष्णा नन्द राय के अलावा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।